ArpitGarg's Weblog

An opinion of the world around me

एक साल बीत गया

leave a comment »

1year.jpeg

कल की सी तो ही बात है,
जब हम सब पढ़ने आये थे,
सपने कितने इन आँखों में,
झट एक साल बीत गया|

अमरीका ठंडा देश सुना था,
गर्मी इतनी क्यों आते ही?
आधा सामान खोला भी ना,
झट एक साल बीत गया|

दोस्त नए, रिश्ते बुने नए,
कई स्थायी जीवनभर के,
कई सीमित उबर पकड़ने तक,
झट एक साल बीत गया|

दारु शारु, पार्टी शॉर्टी हुई,
नेटवर्किंग में सब उतर गयी,
कितना सीखा, कितना पाया,
झट एक साल बीत गया|

साथ पढ़ाई, संग त्यौहार,
टैवर्न जाना हर मंगलवार,
गर्म, सर्द, बारिश बौछार,
झट एक साल बीत गया|

कल की सी तो ही बात है,
जब हम सब पढ़ने आये थे,
सपने कितने इन आँखों में,
झट एक साल बीत गया|

Advertisements

Written by arpitgarg

July 27, 2018 at 2:06 am

Posted in Hindi, Poetry

Tagged with , , ,

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: