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वो बातें अधूरी

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सही जाए ना अब यह दूरी,

करनी हैं तुझसे वो बातें अधूरी,

हाथों का मिलना, औ फूलों का खिलना,

वो सर्दी का आना, टटहलना, ठिठुरना,

छुपाकर रखा गुलाब दिया जो,

तेरा मुस्कराना, थोड़ा शर्माना,

साथ आना, साथ जाना,

लम्बा इंतज़ार, भी छोटा लगा था,

खिचड़ी पकाना, रोटी जलाना,

सागर की लहरें, अपना बनाना,

पागलपन कुछ तेरा, कुछ मेरा,

पलक झपकते, होना सवेरा,

लबों का मिलना,  आहों का भरना,

कभी रोना, कभी खिलखिलाना,

ज़माने का जलना, किसको थी परवाह,

सो सो के उठना, उठ उठ के सोना,

तुझे हर कभी गाली देने की आदत,

रूठी थी जब तू, लाया था गोबी,

याद आता है सब ये, उदासी है छाई,

सही जाए ना अब यह दूरी,

करनी हैं तुझसे वो बातें अधूरी।

Written by arpitgarg

January 30, 2013 at 2:32 pm

Posted in Hindi, Love, Poetry

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अध्याय

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गूँज उठी आवाज मेरी,

पसरा सन्नाटा था,

खाली मकान हुआ वो,

घर था मेरा जो कभी।

 

एक एक कर चुना था सब,

एक पल में सब छूट गया,

मुहँ से शब्द न निकले,

गले तक आकर थम गए।

 

वो बस ठहराव न था,

जीवन का था एक अध्याय,

सुहानी यादें, खुशनुमा पल,

आज था जो, बन गया कल।

 

कुछ और भी था जो छोड़ा था,

दूर अपने से उसको किया,

जीवन इतना कठिन होगा,

सोचा न था मैंने कभी।

 

थोड़े दिन की बात है ये,

फिर से कमल खिल जाएगा,

राहें मंजिल को पहुंचेंगी,

मौसम जब रंग बदल लेगा।

 

बस तब तक न भूलना होगा,

लक्ष्य पर रखनी होगी नज़र,

जिस कारण से विरह चुनी हमनें,

उसको सार्थक करना होगा।।

Written by arpitgarg

December 3, 2012 at 4:26 pm

Posted in Poetry

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