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नन्ही परी, चंचलता भरी
एक थी चुलबुल नन्ही सी परी,
चंचलता, चपलता, शरारत भरी,
मुस्कान से उसकी, रोशन था ज़माना,
पड़े सब पीछे, उसको था फंसाना|
आया एक राजकुमार तभी,
सबसे लड़ा और उसे ले उड़ा,
आह भरी, देखते रह गए सभी,
आसां न था, युद्ध हुआ था कड़ा|
पर किस्मत को था मंज़ूर नहीं,
नज़र लगी उसको जमाने की,
अभिमन्यु का भी चक्रव्यूह क्या होगा,
फंसी वो बेचारी जान थी जिसमें|
आंसू न बहा तू, आंसू का मोल है तेरे,
खुशियाँ हैं तेरी, सब गम हैं मेरे,
वक़्त बुरा ना रहता, चला जाता है,
तेरा यह उदास मुख, पर नहीं भाता है|
चहकती महकती सी गुड़िया जो है तू,
चहकती महकती सी गुड़िया ही रह तू,
चहकना महकना ही भाता ही तुझको,
चहकना तेरा, महकाता है सबको|
ठहराव थोड़ा बस आता है,
रुकती नहीं है चाल,
भूल के तू सबकुछ,
मचा वही पुराना धमाल|
कुछ होते हैं सच्चे, कुछ होते हैं कच्चे,
पर कुछ तुझ जैसे, बस होते हैं अच्छे,
आंसू न बहा तू, आंसू का मोल है तेरे,
खुशियाँ हैं तेरी, सब गम हैं मेरे|
पहला प्यार
क्या हुआ है दिल को आज,
इसने बजाया है वही पुराना साज,
जब हमने पहली बार किसी को था दिल दिया,
पर हाय री बेवफ़ा, उसने हमें शायर बना दिया|
प्रेम के प्रकाश से हमारी आँखें थीं चुंधियाई,
इसी जूनून ने हमारी आखरी सांसें थीं निकलवाईं,
उसकी हिरनी जैसी चाल पर थे हम मिटे हुए,
उसकी कातिल मुस्कान पर थे हम फ़िदा हुए|
सुबह-शाम उसके घर के चक्कर हम लगा रहे थे,
लग रहा था उसको भी हम कुछ-कुछ भा रहे थे,
भूख को हमारी उसकी जालिम अदाओं ने था मार डाला,
हमारी नींद का तो उसने जनाजा ही था निकला|
न दिन को चैन, न रातों को आराम,
हमारी जिंदगी तो उसने कर दी थी हराम,
बॉस से झिक झिक, घरवालों की उलाहना,
उसकी मोहब्बत में हम थे हद से गुजर जाना,
आखिर हमने कर ही डाला प्रेम का इजहार,
बदले में उसकी लानतों का मिला हमको हार,
उसकी शादी पहले ही तय हो चुकी थी किसीसे,
हमारा दिल न हो सका संतुष्ट बस इसीसे|
उसेक गम में जाम उठाया, बन गए देवदास,
जीवन जीने की हमारी खो गयी थी आस,
हम तो बस रह गए थे सबके लिए उपहास|
फिर हम झूमे नाचे, किया खूब डांस,
एक परी को दिल दिया, शुरू हुआ रोमांस,
उमंग वापस आई हैं, जिंदगी लाया हूँ मैं बुला,
पर पहले प्यार की याद को क्या मैं सकूंगा भुला?
